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. हेलà¥à¤¥ चेकअप
40 के दशक में कंसीव करने से पहले आपको कà¥à¤› हेलà¥à¤¥ चेकअपà¥à¤¸ करा लेने चाहिà¤à¥¤
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
डायबिटीज
थाइरॉइड
अगर आप पहले से ही किसी बीमारी या कंडीशन का उपचार ले रही हैं तो इसके बारे में अपनी गाइनेकोलॉजिटà¥à¤¸ से बात करें कि कà¥à¤¯à¤¾ वह आपको उस मेडिकेशन को कनà¥à¤Ÿà¥€à¤¨à¥à¤¯à¥‚ करने की सलाह देती हैं या नहीं या आपको टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट को बदलने की जरूरत है। कई तरह की मेडिकेशन आपकी फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं।
2. पहली किसी सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बारे में बताà¤à¤‚
अगर आप पहले किसी à¤à¥€ तरह की सरà¥à¤œà¤°à¥€ करा चà¥à¤•ी हैं या आपके साथ किसी बीमारी की हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ रही है तो यह वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। इसलिठइस बारे में अपनी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž के साथ चरà¥à¤šà¤¾ करें। साथ ही अपनी फैमिली हेलà¥à¤¥ हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के बारे में à¤à¥€ गाइनेकोलॉजिसà¥à¤Ÿ को बताà¤à¤‚।
3. जेनेटिक काउंसलिंग
कंसीव करने से पहले जरूरी है कि आप अपने पति के साथ जेनेटिक काउंसलिंग सेशन करा लें। इसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° समà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश करता है कि कहीं आपको, आपके पति को या परिवार के किसी सदसà¥à¤¯ को à¤à¤¸à¥€ बीमारी तो नहीं रही है जिसका जेनेटिक तौर पर बचà¥à¤šà¥‡ को होने का रिसà¥à¤• हो सकता है।
4. हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठआपके शरीर का सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना जरूरी है। आपके शरीर में किसी à¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ की कमी आगे चलकर बड़ी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिठअगर आप 40 की उमà¥à¤° में कंसीव कर रही हैं तो आपको अपने आहार में तà¥à¤°à¤‚त सà¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को शामिल करने की जरूरत है। बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग करने से 3 महीने पहले से फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, विटामिन बी-6, विटामिन बी12, विटामिन डी3 और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाà¤à¤‚।
5. रेगà¥à¤²à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ
कंसीव करने से पहले शरीर को à¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ वरà¥à¤•आउट रूटीन में शामिल करें। à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपके शरीर को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहने और माइंड को रिलैकà¥à¤¸ करने में मदद करती है। रेगà¥à¤²à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से तनाव कम होता है और यह आपके शरीर में कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम कर सकती है। कà¥à¤› शोध बताते हैं कि कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤² का सà¥à¤¤à¤° रिपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
6. STI की जांच कराà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ से पहले अपनी और अपने पति की सेकà¥à¤¸à¥à¤…ली टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड डिजीज के लिठजांच कराà¤à¤‚। ये डिजीज़ यौन संबंध बनाते वकà¥à¤¤ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में फैल सकती हैं। इनसे बचाव और सही उपचार के लिठसमय रहते जांच और डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸ कराना जरूरी है।
7. PAP टेसà¥à¤Ÿ और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨
PAP सà¥à¤®à¥€à¤¯à¤° टेसà¥à¤Ÿ कराà¤à¤‚। यह टेसà¥à¤š महिलाओं में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर की जांच करने के लिठकराया जाता है। इसके साथ ही, किसी à¤à¥€ गांठया असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ का पता लगाने के लिठबà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ कराये जाने की सलाह दी जाती है।
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